All India tv news। चमोली ज़िले की बेटी और उत्तराखंड की 'फ्लाइंग गर्ल' के नाम से मशहूर धाविका भागीरथी बिष्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पहाड़ की बेटियाँ सिर्फ सपने नहीं देखतीं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने का माद्दा रखती हैं। कर्नाटक के मैंगलोर में आयोजित प्रतिष्ठित 85वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 में उन्होंने हाफ मैराथन (21 KM) में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
शानदार प्रदर्शन और जीत का विवरण :-
वाण गांव की रहने वाली भागीरथी ने देश भर से आए दिग्गज धावकों को पछाड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 21 किलोमीटर की दूरी मात्र 1 घंटा 21 मिनट में पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस जीत से पूरे उत्तराखंड, विशेषकर चमोली और देवाल क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह जीत केवल एक मेडल नहीं, बल्कि भागीरथी की कड़ी मेहनत, अटूट धैर्य और खेल के प्रति उनके जुनून का सीधा परिणाम है।
कोच और अंतरराष्ट्रीय अनुभव :-
भागीरथी लंबे समय से अपने कोच सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में देहरादून में अभ्यास कर रही हैं। उनकी मेहनत रंग लाई है, और इससे पहले भी वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और कई राष्ट्रीय मैराथन अपने नाम कर चुकी हैं।
ओलंपिक पदक का सपना :-
इस शानदार प्रदर्शन के बाद, भागीरथी का अगला और अंतिम लक्ष्य ओलंपिक खेलों में भारत के लिए पदक जीतना है। उनका यह जज्बा और खेल के प्रति समर्पण लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
पूरा उत्तराखंड भागीरथी बिष्ट को इस शानदार उपलब्धि के लिए ढेरों बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है। सलाम है इस जज्बे को, सलाम है इस 'उड़ान' को!

