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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड के स्कूलों में अब बजेगी 'वॉटर बेल'; हीटवेव के चलते शिक्षा विभाग ने छात्र सुरक्षा के लिए जारी किए सख्त आदेश।

 


All India tv news। देहरादून: राज्य में बढ़ते तापमान और भीषण लू (Heatwave) की आशंका के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शिक्षा विभाग और सभी जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निम्नलिखित बड़े फैसले लिए गए हैं:


वॉटर बेल की शुरुआत:- सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अब नियमित अंतराल पर 'वॉटर बेल' बजाई जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों को समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे डिहाइड्रेशन का शिकार न हों।

स्कूल के समय में बदलाव:- भीषण गर्मी वाले क्षेत्रों में परिस्थितियों के अनुसार विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में पहले ही स्कूलों का समय सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक कर दिया गया है।

बाहरी गतिविधियों पर रोक:- तेज धूप के दौरान खेलकूद प्रतियोगिताएं, खुले मैदान में प्रार्थना सभा या अन्य बाहरी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

आपातकालीन चिकित्सा सुविधा:- स्कूलों को पर्याप्त मात्रा में ORS , प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक रखने को कहा गया है।

कक्षाओं का वातावरण:- सभी प्रधानाचार्यों को सुनिश्चित करना होगा कि कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन और पंखों की उचित व्यवस्था हो।

समूह में घर भेजने का नियम:- छुट्टी के बाद बच्चों को समूह में घर भेजने का सुझाव दिया गया है ताकि आपात स्थिति में वे एक-दूसरे की मदद कर सकें।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को सिर ढकने के लिए टोपी या छाता साथ रखने और भरपूर पानी पीने के लिए जागरूक करें।

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