All India tv news। रामनगर (नैनीताल): रामनगर के पीरूमदारा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों से परेशान महिलाओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। ग्राम प्रधान ममता सनवाल के नेतृत्व में भारी संख्या में महिलाओं ने पीरूमदारा पुलिस चौकी का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के एक घर में लंबे समय से संदिग्ध काम हो रहे हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम दुल्हेपुरी की प्रधान ममता सनवाल ने बताया कि गांव के एक घर में पिछले काफी समय से बाहरी युवक-युवतियों का जमावड़ा लगा रहता है। दिन-रात वहां शोर-शराबा होता है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इन गतिविधियों का विरोध करते हैं, तो घर के भीतर मौजूद लोग उन्हें मारपीट की धमकी देते हैं।
कल क्या हुआ?
हंगामा तब बढ़ा जब बीते दिन ग्रामीणों ने कुछ संदिग्ध लोगों को उस घर में जाते देखा। आक्रोशित महिलाओं ने घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर मौजूद लोगों ने गेट नहीं खोला। इससे नाराज होकर महिलाएं सीधे पुलिस चौकी पहुंचीं और घेराव शुरू कर दिया।
पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी झड़प :-
चौकी घेराव के दौरान महिलाओं की चौकी इंचार्ज वीरेंद्र बिष्ट से तीखी झड़प भी हुई। महिलाओं ने पुलिस पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे संदिग्धों के हौसले बुलंद हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस घर और वहां आने-जाने वाले संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगी।
पुलिस का पक्ष:-
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधान ममता सनवाल के साथ तुलसी रावत, गोविंदी देवी, मनीषा समेत गांव की दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।

