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बड़ी ख़बर: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में शिक्षा के मंदिर को किया कलंकित।


All India tv news। उत्तराखंड के
पिथौरागढ़ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह कलंकित कर दिया है। शिक्षा के मंदिर में ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाले एक कलयुगी शिक्षक की ऐसी हैवानियत उजागर हुई है, जिसे सुनकर पूरा इलाका आक्रोशित है।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार मामला पिथौरागढ़ के कनालीछीना विकासखंड का है, जहाँ एक हाईस्कूल में तैनात शिक्षक लंबे समय से अपने ही स्कूल की 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा का यौन शोषण कर रहा था। जब यह घिनौनी करतूत छिपाई नहीं जा सकी, तो आरोपी ने छात्रा की जान दांव पर लगा दी।
आइए आपको बताते हैं इस पूरी वारदात की सच्चाई :-
देवभूमि को शर्मसार करने वाली यह घटना कनालीछीना के एक सरकारी हाईस्कूल की है। आरोपी शिक्षक स्कूल की ही 10वीं की छात्रा के साथ लंबे समय से दुष्कर्म कर रहा था। मामला तब और गंभीर हो गया जब नाबालिग छात्रा गर्भवती हो गई। अपनी इस काली करतूत को समाज से छुपाने के लिए आरोपी शिक्षक ने हदें पार कर दीं और छात्रा को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी।
दवा खाने के बाद नाबालिग छात्रा को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना लेकर पहुंचे। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने छात्रा की जांच की, तो उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई और शिक्षक का यह घिनौना कारनामा पूरी तरह उजागर हो गया।

अधिकारियों के बयान :-
1. चिकित्सा विभाग का पक्ष:
मामले की गंभीरता को देखते हुए PHC कनालीछीना के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत धानिक ने बताया—
"छात्रा की हालत काफी गंभीर थी। जब हमारी जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई, तो हमने बिना किसी देरी के तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस मामले की लिखित सूचना दी।"
2. पुलिस प्रशासन की कार्रवाई:
अस्पताल की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। मामले की जानकारी देते हुए सीओ के.एस. रावत ने बताया—
"पीड़िता के परिजनों की तहरीर और अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।"
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे कनालीछीना क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। जनता अब आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रही है, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक इस पवित्र पेशे को बदनाम करने की हिम्मत न कर सके। पीड़ित छात्रा का इलाज अस्पताल में चल रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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