All India tv news। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मैणाकोट ग्राम पंचायत के पटेल्यूगैर से सामने आया है, जहाँ एक आदमखोर बाघ ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
बकरे को बचाने गए पशुपालक पर हमला, घर की दहलीज तक पहुँचा बाघ :-
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते दिन मैणाकोट के पटेल्यूगैर में एक बाघ ने अचानक पालतू बकरे पर जानलेवा हमला कर दिया। बकरे की चीख-पुकार सुनकर जब पशुपालक उसे बचाने दौड़ा, तो बाघ ने हिंसक रुख अपनाते हुए पशुपालक पर भी हमला करने का प्रयास किया। अपनी जान बचाकर भाग रहे पशुपालक का बाघ ने घर की दहलीज तक पीछा किया। इस पूरी घटना में पशुपालक को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं हमले में घायल बकरे की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
लगातार दूसरे दिन हमला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश :-
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघ की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। इससे ठीक एक दिन पहले भी मैणाकोट में ही बाघ ने एक बकरी को अपना निवाला बनाने की कोशिश की थी। लगातार हो रहे इन हमलों से स्थानीय निवासियों में डर और वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ था।
वन विभाग की बड़ी कामयाबी, एक बाघ पिंजरे में कैद :-
बढ़ते विरोध और खतरे को देखते हुए वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त तेज की और पिंजरा लगाया। विभाग को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है और बीते दिन एक बाघ को सुरक्षित पकड़ लिया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में अभी भी अन्य बाघ या गुलदार सक्रिय हो सकते हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों को अकेले जंगलों में न जाने और रात के समय सतर्क रहने की अपील की है।
एक बाघ के पकड़े जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि मैणाकोट और आसपास के क्षेत्रवासियों को जल्द ही इस खौफ से पूरी तरह राहत मिलेगी।

