All India tv news। उत्तराखंड की राजधानी और देश का प्रतिष्ठित शिक्षा का हब देहरादून आज एक बेहद शर्मनाक घटना से दहल उठा है। सवाल उठ रहा है कि क्या अब स्कूलों में भी हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं? देहरादून के एक नामी निजी स्कूल में फिजिक्स टीचर पर 15 छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और गलत हरकतें करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि जब पीड़ित छात्राओं ने इसकी आवाज उठाई, तो न्याय देने के बजाय स्कूल प्रशासन पर ही उन्हें धमकाने और शिकायत को दबाने के आरोप लगे हैं। मामले की भनक लगते ही बीजेपी प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल भारी समर्थकों के साथ स्कूल पहुंचीं, जिसके बाद स्कूल परिसर में जमकर बवाल हुआ। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। देखिए हमारी यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून का यह वही प्रतिष्ठित निजी स्कूल है जहाँ माता-पिता अपनी बेटियों को सुरक्षित भविष्य और अच्छी शिक्षा की उम्मीद में भेजते हैं। लेकिन इसी स्कूल के क्लासरूम में एक गुरु के रूप में छुपा भेड़िया पिछले कई दिनों से मासूम बच्चियों की अस्मत से खिलवाड़ कर रहा था। आरोप है कि यहाँ तैनात फिजिक्स के शिक्षक लंबे समय से गंदी नियत से छात्राओं को गलत तरीके से छू रहे थे।
जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो एक हिम्मती छात्रा ने अपनी मां को इस खौफनाक हकीकत से रूबरू कराया। इसके बाद जो हुआ, उसने स्कूल मैनेजमेंट के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं।
पीड़ित छात्रा की मां के अनुसार :- "टीचर काफी समय से गलत तरीके से टच कर रहे थे। जब हम प्रिंसिपल ऑफिस में शिकायत लेकर गए, तो अगले दिन बच्ची को अकेले कमरे में बुलाकर डायरेक्टर और प्रिंसिपल ने डराया। हमारी शिकायत को झूठा बताया और बच्ची के साथ अभद्र व्यवहार किया।"
पीड़ित परिवार का दावा है कि इस खौफनाक करतूत का शिकार सिर्फ एक बच्ची नहीं है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ दिए गए शिकायत पत्र पर कुल 15 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं, जो यह साबित करता है कि स्कूल के भीतर कितने बड़े पैमाने पर बेटियों का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई करने के बजाय स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षिका ने मिलकर पीड़ित छात्रा को ही कटघरे में खड़ा कर दिया और उस पर दबाव बनाने की कोशिश की।
जैसे ही इस मामले की खबर फैली, देहरादून में आक्रोश भड़क उठा। भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल फौरन स्कूल परिसर पहुंचीं। पीड़ित बच्चियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर स्कूल में भारी हंगामा शुरू हो गया। माहौल बिगड़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
बीजेपी प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल के अनुसार :-
"देवभूमि और शिक्षा के केंद्र देहरादून में बेटियों के साथ इस तरह की घिनौनी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उससे भी ज्यादा शर्मनाक स्कूल प्रबंधन का रवैया है जो आरोपी शिक्षक को बचाने और बच्चियों को धमकाने में लगा है। हम इन बेटियों को न्याय दिलाकर रहेंगे और दोषियों को जेल भिजवाएंगे।"
फिलहाल, पुलिस ने इस गंभीर मामले में परिजनों की तहरीर और 15 छात्राओं के हस्ताक्षरित पत्र को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। लेकिन इस घटना ने देहरादून के तमाम दावों और निजी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। देखना यह होगा कि इस मामले में आरोपी शिक्षक और पीड़ित बच्चियों को डराने वाले स्कूल डायरेक्टर पर कानून का हंटर कब चलता है।
