। इस वक्त की एक बहुत ही दुखद और बड़ी खबर उत्तराखंड के नैनीताल जिले से सामने आ रही है। नैनीताल के भीमताल क्षेत्र के मेहरागांव (धुलई) में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर भयानक हादसा हुआ है। यहाँ एक निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल (पत्थर की दीवार) के पास अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से दो श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है।
इस घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और स्थानीय लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार देवभूमि उत्तराखंड के भीमताल में गुरुवार की शाम करीब 6 बजे चीख-पुकार मच गई। मेहरागांव में एक निजी जमीन पर दीवार बनाने का काम चल रहा था, तभी ऊपर पहाड़ी से भारी मलबा मजदूरों के ऊपर आ गिरा। मलबे के नीचे तीन मजदूर बुरी तरह दब गए। वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसे में 38 वर्षीय गौरी देवी (निवासी लालकुआं) और नेपाल के रहने वाले 18 वर्षीय युवा मजदूर हरीश थापा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मजदूर नेत्र सिंह इस हादसे में घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भवाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल मजदूर की हालत अब खतरे से बाहर है।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने घटनास्थल और अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि हादसे के तीन घंटे बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्रा ने खुद पुलिस बल के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में ठेकेदार को हिरासत में ले लिया है और निर्माण कार्य के मालिक व ठेकेदार के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
