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बड़ी ख़बर: मशहूर बिस्कुट ब्रांड 'प्रियागोल्ड' पर FSSAI का बड़ा एक्शन; इंसानों के बिस्कुट में मिलाया जा रहा था जानवरों का चारा, लाइसेंस सस्पेंड!



। इस वक्त की एक बहुत बड़ी और बेहद चौंकाने वाली ख़बर सामने आ रही है, जो सीधे आपकी और आपके बच्चों की सेहत से जुड़ी हुई है। बच्चों से लेकर बड़ों तक का पसंदीदा बिस्कुट ब्रांड प्रियागोल्ड (Priyagold) अब भारी मुसीबत में घिर चुका है।
 मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' (Surya Food & Agro Ltd.) के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। इतना ही नहीं, विभाग ने कंपनी पर कोर्ट में कानूनी मुकदमा चलाने की मंजूरी भी दे दी है।
लेकिन आखिर ऐसा क्या मिला जांच में, जिसे सुनकर हर कोई दंग है? आइए आपको पूरी रिपोर्ट बताते हैं।

दरअसल, यह पूरा मामला एक ग्राहक की शिकायत के बाद शुरू हुआ। जब FSSAI की टीम ने प्रियागोल्ड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारा, तो वहां जो सच सामने आया वो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। जांच में पाया गया कि बिस्कुट में फाइबर या रफेज बढ़ाने के लिए उस चोकर (Bran) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो सिर्फ और सिर्फ पशुओं के चारे (Cattle Feed) के लिए आता है।
हैरानी की बात तो यह है कि फैक्ट्री में मिली चोकर की बोरियों पर साफ-साफ और बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था कि "यह सिर्फ जानवरों के लिए है और इंसानों के खाने योग्य नहीं है"। इसके बावजूद मुनाफा कमाने के चक्कर में इंसानों, खासकर मासूम बच्चों के पसंदीदा बिस्कुट में इसे धड़ल्ले से मिलाया जा रहा था।
गंदगी का अंबार और नियमों की धज्जियां:-
FSSAI की जांच रिपोर्ट में केवल मिलावट ही नहीं, बल्कि फैक्ट्री के अंदर की स्थिति को लेकर भी कई गंभीर खुलासे हुए हैं:
  • अस्वच्छता और गंदगी: कारखाने के अंदर साफ-सफाई का स्तर बेहद खराब था और वहां कीड़े-मकोड़े (Pest Control की कमी) पाए गए।
  • हाईजीन की कमी: कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और कच्चे माल को स्टोर करने के तरीकों में भारी अनियमितताएं मिलीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगा झटका:-
भारत में FSSAI की इस कार्रवाई के तुरंत बाद पड़ोसी देश नेपाल ने भी बड़ा कदम उठाते हुए प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने इसे मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए मार्केट से हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद FSSAI ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत और खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो ब्रांड सालों से भारतीय घरों के स्नैक्स का हिस्सा था, उसकी इस घिनौनी हकीकत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब यह मामला अदालत में है और कंपनी पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

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