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बाघ के हमले से दहल उठा खटीमा: 17 वर्षीय किशोर ने अदम्य साहस से बचाई अपनी जान, अस्पताल में इलाज जारी।


 All India tv news। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। सुरई वन रेंज के अंतर्गत आने वाले बग्गा सरपुड़ा मार्ग पर एक बाघ ने 17 वर्षीय किशोर पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, किशोर के अदम्य साहस और राहगीरों की सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

घात लगाकर किया हमला :-
 मीडिया से प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम बग्गा चौवन निवासी 17 वर्षीय ईश्वर सिंह बिष्ट न्यूरिया बाजार से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान सुरई रेंज के मुख्य मार्ग पर घात लगाए बैठे बाघ ने उस पर अचानक हिंसक हमला कर दिया। हमला इतना अप्रत्याशित और भीषण था कि बाघ किशोर को घसीटते हुए मुख्य मार्ग से घने जंगल की ओर ले जाने लगा।
जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष :-
अत्यंत विकट और भयभीत करने वाली परिस्थितियों में भी ईश्वर सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। खुद को वन्यजीव के चंगुल में फंसा देख उसने अपनी जान बचाने के लिए बाघ से ही कड़ा संघर्ष शुरू कर दिया। इस आत्मरक्षार्थ मुकाबले के दौरान किशोर ने निरंतर सहायता के लिए आवाजें लगाईं।
राहगीरों के हस्तक्षेप से भागा बाघ :-
किशोर की चीख-पुकार सुनकर मार्ग से गुजर रहे अन्य राहगीर तत्काल सक्रिय हुए और वन्यजीव को ललकारते हुए घटना की ओर दौड़े। मानवीय दबाव और किशोर के कड़े प्रतिरोध के आगे अंततः बाघ को पीछे हटना पड़ा। बाघ घायल युवक को छोड़कर पुनः घने जंगल की ओर लौट गया।
गंभीर चोटें, स्थिति नियंत्रण में :-
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान अवस्था में ईश्वर सिंह बिष्ट को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे उपचार के लिए भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, किशोर के शरीर पर बाघ के दांतों और तीखे नाखूनों के गहरे घाव हैं। प्राथमिक चिकित्सा के बाद फिलहाल उसके स्वास्थ्य में क्रमिक सुधार दर्ज किया गया है और स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर जंगलों से सटे रिहायशी इलाकों और संपर्क मार्गों पर स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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