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देहरादून में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर महा-ऐक्शन: 50 सेक्टर अधिकारी तैनात, फैक्ट्रियों पर भी रहेगी सख्त नज़र!

 


All India tv news। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। अगर आप भी देहरादून या ऋषिकेश में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देहरादून जिले में प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अब प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। माननीय हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों का अनुपालन करते हुए, प्रशासन ने पूरे जिले में एक बहुत बड़ा महा-अभियान शुरू कर दिया है। प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और यहां तक कि इसके निर्माण पर भी अब प्रशासन की तीसरी आंख काम करेगी। आइए आपको बताते हैं कि इस बार का यह अभियान पहले से कितना अलग और सख्त होने वाला है।

जी हाँ, देवभूमि उत्तराखंड को पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन इस बार आर-पार के मूड में है। हाईकोर्ट की फटकार और निर्देशों के बाद देहरादून नगर निगम के सभी 100 वार्डों की कड़े स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है। इस पूरे महा-अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रशासन ने 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की है, जो हर एक वार्ड की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर रखेंगे।
इस अभियान के तहत अब केवल सड़क पर प्लास्टिक बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क पर प्रहार किया जाएगा। प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), आयात (इम्पोर्ट), भंडारण (स्टोरेज), वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन), बिक्री और इस्तेमाल करने वाले हर एक शख्स पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्रियों और उद्योगों का भी विशेष औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाएगा।
समन्वय के साथ काम करेंगी 4 बड़ी टीमें:-
इस बार के इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए कोई एक विभाग नहीं, बल्कि चार प्रमुख विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस महा-अभियान में:
  1. उत्तराखंड पुलिस
  2. स्थानीय नगर निकाय
  3. जिला प्रशासन
  4. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB)
ये सभी आपस में तालमेल बिठाकर औचक छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई करेंगे।
ऋषिकेश में भी महा-अभियान की शुरुआत:-
देहरादून के साथ-साथ तीर्थ नगरी ऋषिकेश में भी सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। ऋषिकेश में इस प्रतिबंध के साथ-साथ एक विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि गंगा किनारे और धार्मिक स्थलों को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके। 
तो साफ है कि इस बार अगर लापरवाही बरती गई, तो भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है। हमारी भी आपसे यही अपील है कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और प्रशासन के इस अभियान में अपना सहयोग दें।

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