All India tv news। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां एक तरफ ऑनलाइन पेमेंट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठगों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक ऐसा ही होश उड़ा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स को सड़क किनारे फल विक्रेता से महज 30 रुपये के केले खरीदना बेहद भारी पड़ गया। जैसे ही पीड़ित ने UPI के जरिए भुगतान किया, उसके कुछ ही देर बाद बैंक खातों से 2.21 लाख रुपये गायब हो गए।
डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले सावधान हो जाएं! उत्तराखंड के हल्द्वानी में साइबर क्राइम का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कमलुआगांजा निवासी एक व्यक्ति ने नैनीताल बैंक मुखानी के पास एक फल विक्रेता से सिर्फ 30 रुपये के केले खरीदे थे। दवा लेकर घर लौट रहे पीड़ित ने छुट्टे पैसे न होने पर UPI के जरिए डिजिटल भुगतान किया।
एक घंटे में खाली हो गए दो बैंक खाते :-
घटना के मुताबिक, यूपीआई पेमेंट करने के करीब एक घंटे बाद जब पीड़ित ने घर पहुंचकर अपना बैंक बैलेंस चेक किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। शातिर साइबर ठगों ने पीड़ित के दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंध लगा दी थी। बैलेंस चेक करने पर एक खाते में महज 175 रुपये और दूसरे खाते में सिर्फ 385 रुपये शेष बचे थे। ठगों ने खातों से कुल 2.21 लाख रुपये पार कर दिए।
घटना के मुताबिक, यूपीआई पेमेंट करने के करीब एक घंटे बाद जब पीड़ित ने घर पहुंचकर अपना बैंक बैलेंस चेक किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। शातिर साइबर ठगों ने पीड़ित के दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंध लगा दी थी। बैलेंस चेक करने पर एक खाते में महज 175 रुपये और दूसरे खाते में सिर्फ 385 रुपये शेष बचे थे। ठगों ने खातों से कुल 2.21 लाख रुपये पार कर दिए।
पीड़ित ने पुलिस और साइबर सेल में की शिकायत :-
खाता खाली होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित तुरंत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कुसुमखेड़ा शाखा पहुंचा, लेकिन दोपहर होने के कारण बैंक बंद हो चुका था। बिना समय गंवाए पीड़ित ने तुरंत हल्द्वानी साइबर क्राइम शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराई और एसबीआई की हेल्पलाइन पर कॉल करके फ्रॉड की सूचना दी, जिसके बाद दोनों खातों को ब्लॉक कराया गया।
खाता खाली होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित तुरंत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कुसुमखेड़ा शाखा पहुंचा, लेकिन दोपहर होने के कारण बैंक बंद हो चुका था। बिना समय गंवाए पीड़ित ने तुरंत हल्द्वानी साइबर क्राइम शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराई और एसबीआई की हेल्पलाइन पर कॉल करके फ्रॉड की सूचना दी, जिसके बाद दोनों खातों को ब्लॉक कराया गया।
चैनल की अपील: डिजिटल भुगतान करते समय बरतें ये सावधानियां :-
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब क्यूआर कोड (QR Code) और यूपीआई मैकेनिज्म में भी सेंध लगा रहे हैं। किसी भी अनजान या सड़क किनारे वाले वेंडर को ऑनलाइन पेमेंट करते समय बेहद सतर्क रहें:
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब क्यूआर कोड (QR Code) और यूपीआई मैकेनिज्म में भी सेंध लगा रहे हैं। किसी भी अनजान या सड़क किनारे वाले वेंडर को ऑनलाइन पेमेंट करते समय बेहद सतर्क रहें:
- पेमेंट करने के बाद अपने बैंक से आने वाले SMS अलर्ट पर तुरंत नजर रखें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही ट्रांजेक्शन के दौरान अपना UPI PIN किसी से साझा करें।
- फोन में कोई भी अनजान स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड न रखें।
फिलहाल, पुलिस और साइबर टीम इस पूरे रैकेट की जांच में जुट गई है कि आखिर सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करने या यूपीआई पेमेंट करने से यह रकम कैसे उड़ी।

