All India tv news। अल्मोड़ा/ सल्ट:
आज ग्रामीण लोकतंत्र और स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सल्ट में ग्राम प्रधान संगठन एवं रचनात्मक महिला मंच द्वारा एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के माध्यम से गांव की सरकार यानी पंचायती राज व्यवस्था को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से मजबूत करने की पुरजोर वकालत की गई।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि ग्राम पंचायतें हमारे लोकतंत्र की सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। जब तक पंचायतें मजबूत नहीं होंगी, तब तक गांवों का वास्तविक विकास और स्थानीय स्वशासन का सपना अधूरा रहेगा।
रैली के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया:
- पर्याप्त फंड और संसाधन: गांवों के विकास कार्यों को गति देने के लिए बजट में बढ़ोतरी की जाए।
- वित्तीय अधिकारों का विस्तार: ग्राम पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार दिए जाएं ताकि वे स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय ले सकें।
- कर्मचारियों की उपलब्धता: पंचायतों में कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति हो।
प्रदर्शन के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि गांवों की समस्याओं के त्वरित समाधान और जमीनी स्तर पर विकास सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जाए।
यह आंदोलन साफ तौर पर 'गांव की आवाज और गांव की सरकार के अधिकारों की आवाज' बनकर उभरा है, जिसे अब शासन स्तर से सकारात्मक फैसले का इंतजार है।


