हल्द्वानी। राजकीय महिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक संदिग्ध और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला ने अस्पताल के शौचालय (टॉयलेट) के भीतर ही बच्चे को जन्म दे दिया। अस्पताल की नर्सों ने ऐन वक्त पर अपनी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए दोनों की जान बचाई। नवजात को फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी महिला :-
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उक्त महिला सुबह से ही अस्पताल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी। इस दौरान उस पर कुछ मरीजों और तीमारदारों के मोबाइल छीनने का भी आरोप लगा। महिला की अजीब हरकतों को देखकर जब अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने उससे नाम और पता पूछने की कोशिश की, तो वह कुछ भी साफ नहीं बता पाई। स्थिति को देखते हुए मामले की सूचना तुरंत महिला पुलिस को दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उक्त महिला सुबह से ही अस्पताल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी। इस दौरान उस पर कुछ मरीजों और तीमारदारों के मोबाइल छीनने का भी आरोप लगा। महिला की अजीब हरकतों को देखकर जब अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने उससे नाम और पता पूछने की कोशिश की, तो वह कुछ भी साफ नहीं बता पाई। स्थिति को देखते हुए मामले की सूचना तुरंत महिला पुलिस को दी गई।
पुलिस के डर से शौचालय में छिपी, वहीं हो गई डिलीवरी :-
बताया जा रहा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही महिला घबरा गई और भागकर अस्पताल के शौचालय में जा छिपी। इसके कुछ ही देर बाद शौचालय के भीतर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी, जिससे वहां मौजूद स्टाफ में खलबली मच गई।
बताया जा रहा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही महिला घबरा गई और भागकर अस्पताल के शौचालय में जा छिपी। इसके कुछ ही देर बाद शौचालय के भीतर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी, जिससे वहां मौजूद स्टाफ में खलबली मच गई।
नर्सों ने दिखाई जांबाजी :-
अस्पताल की नर्सों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने महिला अस्पताल से डिलीवरी का जरूरी सामान मंगवाया और बेहद सावधानी व सूझबूझ के साथ महिला का प्रसव सुरक्षित पूरा कराया। इसके बाद महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर शौचालय से बाहर निकाला गया और तुरंत इमरजेंसी वॉर्ड पहुंचाया गया।
अस्पताल की नर्सों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने महिला अस्पताल से डिलीवरी का जरूरी सामान मंगवाया और बेहद सावधानी व सूझबूझ के साथ महिला का प्रसव सुरक्षित पूरा कराया। इसके बाद महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर शौचालय से बाहर निकाला गया और तुरंत इमरजेंसी वॉर्ड पहुंचाया गया।
मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं, अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को लिखा पत्र :-
राजकीय महिला अस्पताल की सीएमएस (CMS) डॉ. कांता किरन पांडे ने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रही है और उसका व्यवहार सामान्य नहीं है। आशंका है कि वह खुद को या अपने नवजात बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और उसे सुरक्षा की दृष्टि से एसएनसीयू में रखा गया है। सीएमएस के मुताबिक, महिला की सुरक्षा को देखते हुए कोतवाली पुलिस को लिखित पत्र भेजा गया है, हालांकि पुलिस की ओर से पत्र रिसीव किए जाने की प्रक्रिया अभी लंबित है।
राजकीय महिला अस्पताल की सीएमएस (CMS) डॉ. कांता किरन पांडे ने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रही है और उसका व्यवहार सामान्य नहीं है। आशंका है कि वह खुद को या अपने नवजात बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और उसे सुरक्षा की दृष्टि से एसएनसीयू में रखा गया है। सीएमएस के मुताबिक, महिला की सुरक्षा को देखते हुए कोतवाली पुलिस को लिखित पत्र भेजा गया है, हालांकि पुलिस की ओर से पत्र रिसीव किए जाने की प्रक्रिया अभी लंबित है।

