All India tv news। हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां नौकरी से निकाले जाने से आहत एक पूर्व ठेका सफाईकर्मी ने जिला महिला अस्पताल के सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) के कक्ष में घुसकर आत्मदाह का प्रयास किया। कमरे में मौजूद डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, करण नाम का यह युवक पहले जिला अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में ठेके पर सफाईकर्मी के रूप में तैनात था। साल 2022-23 में तत्कालीन सीएमएस के कार्यकाल के दौरान ठेकेदार ने उसे काम से हटा दिया था। लंबे समय से बेरोजगार चल रहा करण अपनी नौकरी वापस पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था।
बताया जा रहा है कि हाल ही में जब उसने ठेकेदार से दोबारा काम पर रखने की जिद की, तो ठेकेदार ने उसे साफ मना कर दिया। इस इनकार से आहत और आक्रोशित होकर करण जिला महिला अस्पताल पहुंच गया। वह सीधे मौजूदा सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता के सरकारी कक्ष में दाखिल हुआ और खुद को आग लगाने की कोशिश करने लगा।
चैंबर में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत युवक को काबू में किया और उसकी जान बचाई। घटना के बाद सीएमएस ने फौरन स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रशासन द्वारा उचित काउंसलिंग कराने के बाद युवक को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में हुई इस घटना से कुछ समय के लिए वहां हड़कंप मच गया।

