All India tv news। उत्तराखंड के नैनीताल जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। हल्द्वानी के तिकोनिया चौराहे पर पुलिस उस वक्त हैरान रह गई, जब चेकिंग के दौरान वीआईपी अंदाज में आई एक कार को रोका गया। कार के ऊपर लाल-नीली बत्ती चमचमा रही थी और आगे 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा था।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी के ड्राइवर ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी 'IB' का बड़ा अधिकारी बताया और पुलिस पर धौंस जमाने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस फर्जी खुफिया एजेंट के पैरों तले जमीन खिसक गई। आइए आपको बताते हैं क्या है ये पूरा मामला..."।
तिकोनिया चौराहे पर खुली पोल :-
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रह्लाद नारायण मीणा / मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर नैनीताल पुलिस अपराधियों और संदिग्धों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान काठगोदाम की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को पुलिस टीम ने रोका। कार को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में वह किसी उच्च सरकारी अधिकारी की गाड़ी लगे।
'ऑन ड्यूटी सीक्रेट एजेंट' का नाटक :-
कार रुकते ही उसमें सवार युवक ने खुद को आईबी (IB) का अधिकारी बताते हुए बेहद हाई क्वालिटी का फर्जी पहचान पत्र दिखाया। उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि वह 'ऑन ड्यूटी सीक्रेट एजेंट' है। हालांकि, जब पुलिस अधिकारियों ने उसके पद और नियुक्ति को लेकर कुछ तकनीकी सवाल पूछे, तो वह सकपका गया और सही जवाब नहीं दे पाया।
तलाशी में मिली फर्जी आईडी और 'नकली पिस्टल' :-
शक गहराने पर पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो डैशबोर्ड से इंटेलिजेंस ब्यूरो से जुड़े फर्जी नियुक्ति पत्र, लेटर हेड और जाली दस्तावेज बरामद हुए। इसके साथ ही कार से पिस्तौल जैसी दिखने वाली एक एयरगन भी मिली। आरोपी ने पूछताछ में कुबूल किया कि वह लोगों पर अपना रौब झाड़ने और सरकारी रुतबा दिखाने के लिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।
यूपी का रहने वाला है आरोपी :-
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोहम्मद मुहासिब खान (उम्र 24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रामपुर का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उसकी कार को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फर्जी आईडी के जरिए उसने कहीं किसी से ठगी तो नहीं की है।

