All India tv news। रामनगर:
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर स्थित पुछड़ी गांव में आज तड़के प्रशासन और वन विभाग ने मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र की करीब 15 हेक्टेयर (कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 4 से 5 हेक्टेयर) की कीमती जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए शनिवार सुबह ठीक 5 बजे बड़े स्तर पर डिमोलिशन अभियान शुरू किया गया।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर स्थित पुछड़ी गांव में आज तड़के प्रशासन और वन विभाग ने मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र की करीब 15 हेक्टेयर (कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 4 से 5 हेक्टेयर) की कीमती जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए शनिवार सुबह ठीक 5 बजे बड़े स्तर पर डिमोलिशन अभियान शुरू किया गया।
इस महा-अभियान के तहत 80 से ज्यादा अवैध कच्चे-पक्के मकानों को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से अधिकांश अवैध ढांचों को भारी सुरक्षा के बीच जमींदोज कर दिया गया है।
500 से अधिक जवान तैनात, अभेद्य किले में तब्दील हुआ क्षेत्र :-
इस संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 3 कंपनी पीएसी समेत कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से बुलाए गए 525 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे पुछड़ी क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। क्षेत्र की घेराबंदी करने के लिए 14 जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
इस संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 3 कंपनी पीएसी समेत कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से बुलाए गए 525 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे पुछड़ी क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। क्षेत्र की घेराबंदी करने के लिए 14 जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान, सुरक्षा के चलते मीडिया पर रोक :-
नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ, अपर जिलाधिकारी और कई उप-जिलाधिकारी (SDM) खुद इस पूरी कार्रवाई की निगरानी के लिए मौके पर मुस्तैद रहे। किसी भी संभावित हंगामे या बाहरी दखल को रोकने के लिए पुलिस ने शुक्रवार रात से ही पुछड़ी जाने वाले रास्तों पर मजबूत बैरियर लगा दिए थे। यहां तक कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मीडिया कर्मियों को भी घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था।
नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ, अपर जिलाधिकारी और कई उप-जिलाधिकारी (SDM) खुद इस पूरी कार्रवाई की निगरानी के लिए मौके पर मुस्तैद रहे। किसी भी संभावित हंगामे या बाहरी दखल को रोकने के लिए पुलिस ने शुक्रवार रात से ही पुछड़ी जाने वाले रास्तों पर मजबूत बैरियर लगा दिए थे। यहां तक कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मीडिया कर्मियों को भी घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था।
अस्पताल पहुंचे कुछ प्रभावित लोग :-
कार्रवाई के दौरान बेघर हो रहे लोगों में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के बीच एक स्थानीय युवक मामूली रूप से चोटिल हो गया, जबकि दो महिलाओं की तबीयत (ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण) बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
कार्रवाई के दौरान बेघर हो रहे लोगों में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के बीच एक स्थानीय युवक मामूली रूप से चोटिल हो गया, जबकि दो महिलाओं की तबीयत (ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण) बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार नोटिस की अवधि समाप्त होने और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही की गई है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे को साफ करने तथा जमीन को पूरी तरह सुरक्षित करने की प्रक्रिया जारी है।
